यही संस्‍कृति और संस्‍कार हैं भाजपा और उनके संगठनों के

राज्य

भोपाल : नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपने अनुषांगिक संगठनों के लोगों को यही संस्कृति और संस्कार सिखाती है कि अपने गुरुओं के साथ ऐसा दुर्व्यवहार करें।

श्री सिंह ने ग्वालियर में प्रोफेसर दिनेश गुप्ता के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लोगों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार को शर्मनाक बताते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रोफेसर दिनेश गुप्‍ता सहित पूरे शिक्षा जगत से माफी मांगनी चाहिए और इस कांड के दोषियों को तत्‍काल जेल भेजे।

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि उज्जैन में सभरवाल कांड के बाद जिस तरह से उनके आरोपियों को भाजपा ने शासन में सम्मान दिया है उससे उन्होंने एबीवीपी के ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया है कि वे शिक्षा और संस्कार देने वाले गुरुओं का अपमान करें।

उन्‍होंने कहा कि प्रोफेसर सभरवाल के आरोपी को एक विश्‍वविद्यालय में सरकारी नौकरी दी गई जबकि वे पात्रता ही नहीं रखते थे और सभरवाल कांड के मुख्‍य आरोपी थे। श्री सिंह ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वे भी एबीवीपी में रहे क्या उन्हें उन्होंने भी यही शिक्षा और संस्कार पाए हैं क्या एबीवीपी में यही शिक्षा दी जाती है कि अपने गुरुओं को इस तरह से सरेराह बेइज्जत करें।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा और उनके सभी अनुषांगिक संगठन हिटलर शाही पर उतर आए हैं। सत्ता के मद में वे अहंकारी हो गए हैं और शिक्षा जगत में नफरत का वातावरण फैला रहे हैं । सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए कलंक का दिन है जिसे भाजपा किसी भी कुंभ के द्वारा मिटा नहीं सकती।

उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे देश और मध्य प्रदेश में अराजकता पैदा कर रही है। वे लोग राष्‍टभक्ति के प्रमाण बांट रहे हैं जिनका इतिहास देशद्रोह का रहा है। उन्‍होंने कहा कि जनता उस अवसर की तलाश में है जब इस संस्कार हीन और राष्ट्र के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाली पार्टी को सत्ता से निकाल बाहर करें।

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