देश के घोटालों के शहंशाह गरीबों की रकम हजम करने वाला सुब्रत राय को पकड़ने आई मध्य प्रदेश के रतलाम की पुलिस, सहारा श्री तहखाने में बने आलीशान महल में सद्दाम की तरह डर कर छुपा,मीडिया ग्रुप के मैनेज ना कर पाने से नाराज होकर अपनाया तानशाही रवैया, मीडिया इंचार्ज उपेंद्र राय,सहारा मीडिया के पितामह स्वतंत्र मिश्रा जी ने दिया इस्तीफा,मचा हड़कंप

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अकेले रतलाम जिले में लगभग डेढ़ अरब रुपए से ज्यादा लोगों का सहारा को लौटाना है लेकिन कंपनी की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया गया है।

तहलका टुडे टीम

लखनऊ : सहारा प्रमुख सुब्रत राय की गिरफ्तारी की कवायद तेज हो गई है। रतलाम जिले के जावरा की दो पुलिस टीमें सुब्रत राय की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ और मुंबई में है। सुब्रत पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के आरोप में एफ आई आर दर्ज हुई थी जिसके बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किए हैं। सहारा श्री महल की तरह बने तहखाने में सद्दाम की तरह छुप गया है,
अब पुलिस को मैनेज करने में लोग लगे है, वही सहारा मीडिया ग्रुप के जिम्मेदारो की लापरवाही पर सहारा श्री ने उपेंद्र राय से इस्तीफा लेकर सुमित रॉय को नया मीडिया हेड नियुक्त किया है। वही नामी गिरामी मीडिया की शख्सियत स्वतंत्र मिश्रा ने भी सहारा को फिर से अलविदा कह दिया है।

आपको बता दे देशभर में लाखों निवेशकों के अरबों खरबों रुपए डकार बैठी सहारा इंडिया कंपनी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही। ताजा मामला रतलाम जिले के जावरा का है जहां सुब्रतो राय सहित उनके कई अधिकारियों के खिलाफ निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले दर्ज हैं।

दरअसल आरोप है कि अकेले रतलाम जिले में लगभग डेढ़ अरब रुपए से ज्यादा लोगों का सहारा को लौटाना है लेकिन कंपनी की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया गया है। धन को दोगुना और तीन गुना करने का लालच दिखाकर कंपनी ने हजारों निवेशकों से पैसा तो निवेश करवा लिया लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी वह वापस नहीं लौटाया जा रहा है। ऐसे में वीरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में जन संघर्ष न्याय मोर्चा के बैनर पर आंदोलन हुआ था और उसके बाद थाने में एफ आई आर दर्ज की गई। मामला कोर्ट में पहुंचा और सुब्रत राय सहारा और अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी हुए। इस मामले में सहारा के उज्जैन संभाग के मैनेजर देवेन्द्र शर्मा को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अकेले रतलाम जिले में 60000 खाताधारकों का 80 करोड़ मूलधन और डेढ़ गुना तक ब्याज की राशि बकाया है, ऐसा जन संघर्ष मोर्चा के प्रभारी गिरजा शंकर दायमा का कहना है। अब जावरा से पुलिस की दो टीमें एक मुंबई और एक लखनऊ भेजी गई है और सुब्रतो राय की गिरफ्तारी की कवायद तेज हो गई है।

वही इस कार्यवाही को मैनेज ना कर पाने से अपने मीडिया ग्रुप से नाराज होकर उठापटक शुरू कर दी गई है ,सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत राय ने सहारा ग्रुप के वर्तमान कार्मिक हेड सुमित राय को सहारा मीडिया ग्रुप का फिर से हेड बना दिया है। अब तक सहारा ग्रुप के मीडिया हेड रहे उपेंद्र राय को नए मीडिया हेड सुमित राय को रिपोर्ट करने के लिए कहा है। ऐसा सुब्रत रॉय द्वारा जारी आदेश में लिखा है। पर उपेंद्र राय ने इस्तीफ़ा दे दिया है। इस तरह एक बार फिर से उपेंद्र रॉय का सहारा से नाता टूटा है।

वही स्वतंत्र मिश्र ने दबाव में अजिज़ आकर अपना इस्तीफा दे दिया है,उन्होंने भड़ास निकालते हुए कहा वर्तमान में सहारा मीडिया का माहौल अब काफ़ी बदल चुका है। यहाँ पर कुछ वरिष्ठ और कनिष्ठ मिलकर इस पर अपना वर्चस्व स्थापित कर पदों और अधिकारों की होड़ में मीडिया को तहस -नहस करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं जिसकी वजह से संस्था के समर्पित वरिष्ठों को अपना सम्मान बचाना भी मुश्किल होने लगा था। ऐसे में संस्था में रह पाना बहुत ही मुश्किल हो गया था जिसके कारण अंतरात्मा और अंतर्मन की सहन शक्ति ने अब जवाब दे दिया।

स्वतंत्र मिश्रा का गुस्सा इतने पर भी शांत नही हुआ आगे कहा कि किसी भी कर्मचारी /कर्तव्ययोगी को संस्था में तभी तक रहना चाहिए जब तक उच्च प्रबंधन के लिए उसकी उपयोगिता हो और उस पर विश्वास हो अन्यथा चुपचाप अपना सम्मान बचाते हुए उसे संस्था में सभी वरिष्ठों को सम्मान/अभिवादन करते हुए अपने को विरत कर लेना चाहिए।
स्वतंत्र कहते हैं- जिस संस्था से आपका 31 साल का एसोशियेसन बड़ा ही लगाव भरा, समर्पण और निष्ठा का रहा हो उसे छोड़ पाना एक बहुत बड़ा निर्णय है। लेकिन अपमान की पराकाष्ठा को इस बार अंतर्मन और ज़मीर बर्दाश्त नहीं कर पाया जिसकी वजह से पहले से ही उच्च प्रबंधन से अनुरोध कर ये निर्णय लेना पड़ा । ये मेरा पूर्ण रूप से सौ प्रतिशत त्याग पत्र हैं। इसके अलावा कुछ भी नहीं और इस बात की पुष्टि इस बार सहारा मीडिया का उच्च प्रबंधन भी करेगा।

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