प्रदेश के डायनामिक कलेवर के मंत्री नंद कुमार नंदी की मेहनतों का असर,सेंचुरी प्लाईवुड ने सीतापुर में 750 करोड़ का इंटीग्रेटेड वुड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने को दी सहमति,वुड इंडस्ट्री और एग्रो फॉरेस्टी में इंडिया में आ रहे इंक़लाब से चायना परेशान

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तहलका टुडे टीम

लखनऊ:उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और वुंड इंडस्ट्री के साथ ही एग्रो फॉरेस्टी को बढ़ावा देते हुए उत्तर प्रदेश में उद्योग के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के डायनामिक कलेवर के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने पिकप भवन सभागार में सेंचुरी प्लाई बोर्ड्स इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक कर सीतापुर में 750 करोड़ का इंटीग्रेटेड वुड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की सहमति देकर बड़ा अहम काम किया है,इससे हज़ारो किसानों और बेरोजगारों को अब उत्तर प्रदेश में रोजगार मिलेगा,इस मौके पर सरकार के वन मंत्री डॉ. अरूण कुमार सक्सेना भी मौजूद रहे।

बैठक में सेंचुरी प्लाई बोर्ड इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन सज्जन भजनका ने वुड इंडस्ट्री को उत्तर प्रदेश में स्थापित करने में आ रही समस्याओं को रखते हुए निराकरण के साथ ही, औद्योगिक विकास एवं किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। जिसका मंत्री नन्दी ने स्वागत किया। सज्जन भजनका ने कहा कि यदि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार एमडीएफ और पार्टीकल बोर्ड इंडस्ट्री स्थापित करने में मदद की जाए तो सेंचुरी प्लाई बोर्ड इंडिया लिमिटेड सीतापुर में 750 करोड़ का निवेश करने को तैयार है। जिस पर औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए सेंचुरी प्लाई बोर्ड इंडिया की हर सम्भव मदद की जाएगी।
चेयरमैन सेंचुरी प्लाई बोर्ड इंडिया सज्जन भजनका ने कहा कि भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में लकड़ी से ज्यादा एमडीएफ और पार्टीकल बोर्ड की मांग बढ़ रही है। ऐसे में अगर सरकार वुड इंडस्ट्री को बढ़ावा दे तो इससे एक तरफ जहां औद्योगिक विकास होगा, वहीं दूसरी तरफ एग्रो फॉरेस्टी को बढ़ावा मिलेगा। सज्जन भजनका ने कहा कि वुड इंडस्ट्री और एग्रो फॉरेस्टी में चाइना ने अप्रत्याशित ग्रोथ किया है। इस समय चाइना पूरे विश्व में उत्पादित एमडीफ का 43 प्रतिशत आपूर्ति कर रहा है, वहीं भारत की स्थिति केवल 0.4 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां ज्यादातर किसान अनाज, सब्जी व गन्ना की खेती पर ही आश्रित हैं। जबकि एग्रो फॉरेस्टी ऐसा माध्यम है, जिसके जरिये किसानों की आय तत्काल दोगुनी की जा सकती है।
सज्जन भजनका ने कहा कि केेंद्र सरकार ने एमडीएफ और पार्टीकल बोर्ड इंडस्ट्री को लाइसेंसिंग की प्रक्रिया से अलग रखते हुए प्रत्येक राज्य को अपना गाइड लाइन बना कर वुड इंडस्ट्री को केवल रजिस्ट्रेशन कराने पर स्वीकृति प्रदान करने की अनुमति दी है। इसके बाद भी कुछ संस्थाओं की शिकायत पर वुड इंडस्ट्री को लाइसेंसिंग प्रक्रिया में शामिल करते हुए स्वीकृति नहीं दी जा रही है। जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और जल्द ही डिसीजन भी आने वाला है। एमडीएफ और पार्टीकल बोर्ड को लाइसेंसिंग प्रक्रिया में शामिल न किया जाए तो उत्तर प्रदेश में वुड इंडस्ट्री को जबर्दस्त बढ़ावा मिल सकता है। जिस पर औद्योगिक विकास मंत्री नन्दी और वन मंत्री डॉ. अरूण कुमार सक्सेना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर ही आगे निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास और किसानों की आय बढ़ाने से सम्बंधित सुझाव पर काम के लिए पूरी तरह तैयार है। बैठक में सेंचुरी प्लाई बोर्ड्स इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन सज्जन भजनका, प्रेसीडेंट एमडीएफ, हिमांशु शाह, जीएम प्रोजेक्ट अशोक गोयल, अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास अरविंद कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।

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