मोबाइल से चिपके रहने के लिए गेम्स जिम्मेदार!

विदेश

लंदन : एक स्टडी के नतीजों के अनुसार, मोबाइल से चिपके रहने की आदत के लिए मोबाइल गेम्स काफी हद तक जिम्मेदार हैं। आयरलैंड की यूनिवर्सिटी कॉलेज कॉर्क के शोधकर्ताओं के अनुसार, भारत उन छह देशों में शामिल है, जो मोबाइल फोन पर स्पॉर्ट्स और रेसिंग गेम्स डाउनलोड करने में सबसे आगे है।

इस स्टडी में अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल करने वाले देशों को शामिल किया गया। इस शोध में अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया को भी शामिल किया गया है। इस देशों में ऐप्स का जमकर इस्तेमाल होता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसा इस लिए है क्योंकि ज्यादातर ऐप्स का अंग्रेजी वर्जन उपलब्ध है। इसके उलट गैर-अंग्रेजी भाषी देशों में दूसरे ऐप्स का इस्तेमाल कम होता है।

ऐसे देशों में गेमिंग ऐप्स का मांग सबसे ज्यादा होती है। इस सूची में चीन, भारत, अर्जेंटीना, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सउदी अरब, पाकिस्तान जैसे नाम शामिल हैं। इश शोध के अनुसार, ऐप्स के इस्तेमाल में भूगोल का खासा महत्व है। इसके अलावा सामाजिक-आर्थिक कारक भी मोबाइल ऐप्स इस्तेमाल को प्रभावित करते हैं।

जापान जैसे ‘लिंग-सत्तात्मक’ समाज वाले मुल्कों में ऐप्स का प्रयोग अधिक होता है, जबकि रूस जैसे ‘समूहवादी’ सभ्यता में परिवार, अभिभावक गुण और शिक्षा आदि से संबंधित ऐप्स का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। दूसरी तरफ, अमेरिका जैसे ‘व्यक्तिवादी’ समाज में मनोरंजन ऐप्स की भूमिका सबसे अहम है। इसके अलावा ऐसे देशों में ट्रैवल, खेल, स्वास्थ्य, डेटिंग, म्यूजिक और ऑडियो ऐप्स की मांग भी काफी अधिक है।

इसके नतीजे स्पेन में जारी किए गए थे। इस शोधकर्ता टीम में बड़े पैमाने पर भूगौलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारकों की स्टडी की। इसमें कुलडी 25,323 ऐंड्रॉयड मोबाइल फोन यूजर्स को शामिल किया गया। इस शोध में कुल 54,775 ऐप्स पर स्टकी गई।

इस स्टडी में यूरोप, एशिया, ओशियना और अमेरिकी महाद्वीपों के कुल 44 देशों को जगह दी गई। शोधकर्ता एला पेल्टोनन ने कहा, ‘हमारे शोध से जाहिर है कि आप अपने फोन में जिन ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, वे आपके भोगौलिक, सामाजिक और आर्थिक स्थितियों से प्रभावित होती हैं।

इसका अर्थ है कि मोबाइल डेटा इस्तेमाल के लिए इन कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि इस शोध के नतीजों का इस्तेमाल अलग-अलग देशों में मोबाइल ऐप्स की टार्गेट ऑडियंस निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है।

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