अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात,कई समस्यायों पर हुई बात,गन्ना संस्थान के कार्यक्रम में कहा सच्चाई यह है कि दलितों का पिछड़ापन ऐतिहासिक-सामाजिक कारणों से रहा,जबकि मुसलमानों की गरीबी “सियासी छल का परिणाम” है,कार्यक्रम में वक्फ बोर्डो की शिकायत करने वाले पूर्व राज्य मंत्री मोहसिन रज़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर फारूकी का ना रहना,बना चर्चा

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तहलका टुडे टीम

लखनऊ, अल्संख्यक अधिकार दिवस पर आज दिल्ली से आकर पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात,कई समयस्याओ पर बात हुई,
गन्ना संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि “दशकों से मुस्लिम वोटों को चिविंगम की तरह चबाने, चूसने और चलता करने का चलन चल रहा है।”

लखनऊ में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित “अल्पसंख्यक अधिकार दिवस” कार्यक्रम में श्री नकवी ने आगे कहा कि “ऐसी ही स्वार्थी सियासी सोंच, अल्पसंख्यकों के विकास का लोच रहा” और “वोटों की स्वार्थी मंडी” से “विकास की समावेशी पगडण्डी” के साथ “क्रूर, कम्युनल, क्रिमिनल कपट की जाती रही।

श्री नकवी ने कहा कि आज देश साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण को ध्वस्त कर समावेशी सशक्तिकरण का ध्वजवाहक इस लिए बन पाया है कि मोदी-योगी युग में “अमर, अब्दुल, अन्टोनी” की समावेशी विकास में भागीदारी ने “चिविंगम की तरह चूसो और चलता करो” वाली साम्प्रदायिक वोटों के ठगी के ठौर- ठिकानों की तालाबन्दी और नाकाबंदी कर दी है।

श्री नकवी ने कहा कि मुसलमानों के कुछ हिस्सों का पिछड़ापन “संकीर्ण साम्प्रदायिक सियासत” और “स्वार्थी वोटों की तिजारत” का नतीजा रहा। आज जब बिना भेदभाव सभी की समृद्धि, सुरक्षा, शिक्षा सुनिश्चित हो रही है तो अल्पसंख्यकों के हितों को अपने सियासी स्वार्थ की बलि चढाने वाले राजनीतिक सूरमाओं के सूपड़े साफ हो रहे हैं।

श्री नकवी ने कहा कि आज माहौल, मूड़, मुद्दे बदले हैं, साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण नहीं समावेशी सशक्तिकरण का “मोदी मैजिक” समाज के सभी हिस्सों में असर दिखा रहा है, विकास और विश्वास के माहौल ने समाज के सभी वर्गो को तरक्की का बराबर का हिस्सेदार भागीदार बनाया है। अल्पसंख्यकों की विकास में भागीदारी, बहुसंख्यकों की विश्वास में हिस्सेदारी पर भारी नहीं पड़ रही है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के विकास को देश के विकास से अलग देखना उन्हे प्रगति की मुख्यधारा से काटने का राजनीतिक छल है। सच्चर कमेटी के नाम पर मुसलमानों के भरोसे को भय और भ्रम में बदलने की कोशिश हुई। दलितों, आदिवासियों के सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण से प्रतिस्पर्धा का बहाना बनाकर मुसलमानों का सियासी तुष्टीकरण का खेल खेला गया, भ्रम पैदा किया गया कि मुसलमानों के हालात दलितों से ज्यादा खराब हैं। सच्चाई यह है कि दलितों का पिछड़ापन ऐतिहासिक-सामाजिक कारणों से रहा, जबकि मुसलमानों की गरीबी “सियासी छल का परिणाम” है।

श्री नकवी ने कहा कि आज मोदी-योगी और अन्य भाजपा सरकारों की सभी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों में बड़ी तादाद में अल्पसंख्यक समुदाय से भी हैं। भाजपा सरकारों की बिजली, सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मकान, रोजगार, आर्थिक, सामाजिक सशक्तिकरण की योजनाओं का बराबर का लाभ अल्पसंख्यकों को भी हो रहा है। आज अल्पसंख्यक समुदाय की सोंच-समझ में सकारात्मक-रचनात्मक परिवर्तन आया है, इसी लिए वह वोटों की जागीरदारी को पछाड़कर, विकास की हिस्सेदारी को प्राथमिकता दे रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि आज मोदी-योगी और अन्य भाजपा सरकारों की सभी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों में बड़ी तादाद में अल्पसंख्यक समुदाय से भी हैं। भाजपा सरकारों की बिजली, सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मकान, रोजगार, आर्थिक, सामाजिक सशक्तिकरण की योजनाओं का बराबर का लाभ अल्पसंख्यकों को भी हो रहा है। आज अल्पसंख्यक समुदाय की सोंच-समझ में सकारात्मक-रचनात्मक परिवर्तन आया है, इसी लिए वह वोटों की जागीरदारी को पछाड़कर, विकास की हिस्सेदारी को प्राथमिकता दे रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आयोग के चेयरमैन श्री अशफाक सैफी ने संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अल्पसंख्यक अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारियों की रक्षा के लिए शुरू कर दिया गया अल्पसंख्यक अधिकार दिवस हर साल 18 दिसंबर को मनाया जाता है इसके तहत अल्पसंख्यक क्षेत्र विशेष में उनकी जाति धर्म संस्कृति भाषा और परंपरा आदि की सुरक्षा सुनिश्चित करने मुख्य उद्देश्य होता है सबका साथ सबका विकास और विश्वास और हम सब का प्रयास के इस स्लोगन पर केंद्र व राज्य में सरकार मोदी जी योगी जी की डबल इंजन की सरकार अल्पसंख्यकों के हित में जो कार्य कर रही है वह एक सराहनीय है और अल्पसंख्यक अधिकार दिवस जो आज इस गन्ना संस्थान में मनाया जा रहा है उसका यह प्रणाम है कि आप सब लोगों की मौजूदगी यह दिखाती है कि अल्पसंख्यकों का जो अधिकार है वह उनको बराबर डबल इंजन की सरकार में मिल रहा है और इस अवसर पर में आए हुए मुख्य अतिथि मुख्य वक्ता और मंच पर मौजूद सभी अतिथिगण और यहां मौजूद सभी लोगों का तहे दिल से स्वागत करता हूं और अधिकार दिवस की मुबारकबाद देता हूं ।

इस अवसर पर यूपी अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन अशफाक सैफी, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हैदर अब्बास चांद जी सरदार परमिंदर सिंह रूमाना सिद्दीकी , सम्मान अफरोज नवेदू सिंह, अमील शम्सी, मौलाना सुफियान निजामी मदरसा दारुल उलूम तिरंगी मैली लखनऊ मोहम्मद अरशद खान पूर्व विधायक राष्ट्रीय संयोजक मदर टेरेसा फाउंडेशन जौनपुर रीमा निर्देशक अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय उत्तर प्रदेश लखनऊ शकील अहमद सिद्दीकी सचिव उत्तर प्रदेश आयोग अल्पसंख्यक आयोग लखनऊ गुरु ज्ञानी गुरदेव सिंह लखनऊ अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली, उर्दू अकैडमी के चेयरमैन कैफूल वरा और फखरुद्दीन अली अहमद कमेटी के चेयरमैन तुरज जैदी, शबाहत हुसैन निर्देशक वक्फ विकास निगम अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश महामंत्री जहीर अब्बास जैदी, असलम खान , इरफान कुरैशी जी सैयद शान अली एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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