KBC 10: 26/11 के हमले में तीन गोलियां खाकर भी आतंकियों से लड़ते रहे प्रवीण तेवतिया

देश

नई दिल्ली. जब भी देश पर मर मिटने की बात आती है तो इस देश के जवान कभी पीछे नहीं हटते चाहे वह सीमा पर हो या देश के अंदर किसी बुरी परिस्थिति ऐसे ही एक जज्बे से भरपूर जवान से मिलने का मौका मिला ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के दर्शकों को.

यह थे शुक्रवार को कर्मवीर स्पेशल शो में हॉट सीट पर बैठे भारतीय सेना के जवान प्रवीण तेवतिया. प्रवीण ने 26/11 के हमले में आतंकियों का डटकर सामना किया था. इनकी कहानी ने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए वहीं ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के होस्ट बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को भी हैरत से भर दिया.

प्रवीण ने बताया कि मुंबई में ताज होटल पर हुए हमले वाले दिन वह अपनी ड्यूटी करके घर जा चुके थे. वह अपनी ड्यूटी पूरी करके घर जा चुके थे उनकी 12 बजे से 4 बजे तक की ड्यूटी थी. तभी एक अधिकारी ने उन्हें बताया कि ताज पर हमला हो गया है. वह तुरंत वहां से बुलेट प्रूफ जैकेट और हथियार लेकर तीन बजे के आसपास मुंबई पहुंचे. वहां पहुंचकर प्रवीण ने जो नजारा देखा वह दिल दहला देने वाला था.

उन्होंने देखा कि जगह-जगह खून बिखरा था, चारों तरफ से चीखने की आवाज़ आ रही थी. वहां उन्हें एक आदमी दिखा, जो फोन पर रोते-रोते बातें कर रहा था. उसने बताया कि उसकी पत्नी और बच्चे छठे फ्लोर पर हैं. वो उसी तरफ जा रहा था. ऐसे में प्रवीण ने उन्हें वहां नहीं जाने दिया और खुद रेस्कयू करने पहुंचे. बाद में उन्हें पता चला कि वो ताज होटल के जनरल मैनेजर थे.

ताज पर हुए उस हमले के दौरान चार लोगों की जो टीम बनी, प्रवीण उसमें प्वॉइंटमैन नियुक्त हुए और लोगों की जान बचाने में जुट गए. प्रवीण ने बताया कि उस दिन उन्होंने मौत को बिलकुल अपने सामने खड़ा देखा था. लेकिन उस समय उनके मन में एक पल भी डर के लिए जगह नहीं थी.

उन्होंने बताया कि किस तरह आतंकवादियों के हेड शॉट से उनका कान पूरा सिर से अलग हो गया था. इसके बाद भी सीने पर एक के बाद एक गोली खाकर भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तक लड़ते रहे. वैसे प्रवीण के नाम एक और रिकॉर्ड है. वह दुनिया की सबसे कठिन रेस में एक को जीतने वाले देश के पहले दिव्यांग आयरन मैन भी हैं. उन्हें शौर्य चक्र से भी सम्मानित किया जा चुका है.

पूरा गांव देश की सेवा में तत्पर 

प्रवीण ने बताया कि किस तरह देश की सेवा करने का जज्बा उन्हें विरासत में मिला है. वह मूल रूप से बुलंदशहर के एक गांव से हैं, जहां के 39 लोग पहले विश्व युद्ध से लेकर अब तक देश के लिए शहीद हो चुके हैं.

बता दें कि 26/11 मुंबई स्थित होटल ताज पर 2008 में हुए हमले को बोलते हैं. क्योंकि यह 26 नवंबर को हुआ था. मुंबई पर हुए उस आतंकवादी हमले में देश की सुरक्षाबल के कई जवान शहीद हो गए थे. आतंकियों के चंगुल में फंसे 150 से भी ज्यादा लोगों की जान बचाने वाले जवानों में प्रवीण तेवतिया भी शामिल हैं. केबीसी के मंच पर वह आए और सबके सामने उस दिन का दहशत का खौफनाक चेहरा सबके सामने रख दिया.

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