इस्लामिक देश के खिलाफ अमेरिका ने छेड़ा मनौवैज्ञानिक युद्ध

विदेश

तेहरान । ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद राष्ट्रपति हसन रुहानी ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि अमेरिका ने इस्लामिक देश के खिलाफ ‘‘मनौवैज्ञानिक युद्ध’’ छेड़ दिया है। उन्होंने कहा समझ में नहीं आता कि एक ओर तो अमेरिका हमारे साथ नए सिरे से परमाणु समझौता करने की बात कर रहा है,

वहीं दूसरी ओर उसी इसी समय प्रतिबंध भी लगा रहा है। एक साक्षात्कार में रुहानी ने कहा जब आप दुश्मन हैं और आप दूसरे व्यक्ति पर चाकू से वार कर रहे हैं, फिर आप कहते हैं कि बातचीत करना चाहते हैं। अगर सचमुच ऐसा करना है तो पहले चाकू हटानी पड़ेगी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए सिरे से प्रतिबंध लगा दिए हैं। ईरान से ये प्रतिबंध 2015 के परमाणु करार के बाद हटाए गए थे।

हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह ईरान के साथ नए परमाणु समझौते पर विचार करने को तैयार हैं। इस साल मई में ट्रंप ने ईरान के परमाणु समझौते से बाहर निकलने की घोषणा की थी। ईरान पर प्रतिबंध फिर से लागू होने के बाद भारत जैसे देशों पर खासा प्रभाव पड़ेगा। ईरान के साथ भारत के परंपरागत और ऐतिहासिक व्यापारिक रिश्ते रहे हैं। ट्रंप ने कहा आज अमेरिका द्वारा ईरान पर परमाणु से संबंधित प्रतिबंध नए सिरे से लगाए जा रहे हैं।

इन प्रतिबंधों को 14 जुलाई, 2015 के संयुक्त वृहद कार्रवाई योजना (जेसीपीओए) के तहत हटाया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका और परमाणु संबंधित प्रतिबंध 5 नवंबर, 2018 से लागू होंगे। इनमें ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को लक्षित कर लगाए गए प्रतिबंध शामिल हैं।

इन प्रतिबंधों से पेट्रोलियम संबंधित लेनदेन रुकेगा। इसके अलावा विदेशी वित्तीय संस्थानों का ईरान के केंद्रीय बैंक के साथ लेनदेन भी रुक जाएगा। ट्रंप ने हालांकि, कहा कि वह ईरान के साथ अधिक व्यापक परमाणु करार पर विचार को तैयार हैं। उन्होंने कहा अमेरिका इन प्रयासों में समान सोच वाले राष्ट्रों की भागीदारी का स्वागत करता है।

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