ईरान जा रहे है भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल,भारत में एक दिवसीय राजकीय शोक मंगलवार को था,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,विदेश मंत्री जयशंकर समेत कई नेता श्रद्धाजली कर चुके है पेश

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ईरान जा रहे है भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, इब्राहिम रईसी के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल,भारत में एक दिवसीय राजकीय शोक मंगल वार को था,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,विदेश मंत्री जयशंकर समेत कई नेता श्रद्धाजली कर चुके है पेश

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के अंतिम संस्कार में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होने ईरान जा रहे है। रईसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सोमवार को मृत्यु हो गई थी. धनखड़ बुधवार को ईरान रवाना होंगे. रईसी के सम्मान में मंगलवार को पूरे भारत में एक दिवसीय राजकीय शोक रखा गया.

कौन है भारत के वाईस प्रेसिडेंट जगदीप धनखड़

एक समय राजस्थान की सियासत का चर्चित चेहरा रहे जगदीप धनखड़ कानून, सियासत, सियासी दांव-पेंच और हर पार्टी के अंदर अपने संबंधों की महारत के लिए जाने जाते हैं। राजस्थान में जाटों को आरक्षण दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जगदीप धनखड़ देश के उपराष्ट्रपति हैं। धनखड़ ने उप राष्ट्रपति के चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया।

जगदीप धनखड़ का जन्‍म 18 मई 1951 को जाट परिवार में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के किठाना गांव में हुआ। वे उच्‍चतम न्‍यायालय के जानेमाने वकील और राजनेता हैं।

जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय से बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की और 1996 में राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए।

राजस्थान में जाटों को आरक्षण दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही है। धनखड़ को ऐसे समय पश्चिम बंगाल का राज्‍यपाल नियुक्त किया गया है, जब टीएमसी और बीजेपी में तनाव चरम पर रहा। वे राजस्थान की जाट बिरादरी आते हैं। इस समुदाय में धनखड़ की अच्छी खासी साख है।

झुंझुनूं धनखड़ की जन्मभूमि के साथ कर्मभूमि भी रही। झुंझुनूं से साल 1989 से 1991 तक वे जनता दल से सांसद रहे। वे 21 अप्रैल 1990 से 5 नवंबर 1990 तक केंद्रीय मंत्री रहे।

हालांकि बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। अजमेर से कांग्रेस के टिकट पर वे लोकसभा चुनाव हार गए थे, फिर 2003 में वे भाजपा में शामिल हो गए और अजमेर के ही किशनगढ़ से विधायक चुने गए।

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