प्रतापगढ़ में गुजरेगी मुख्यमंत्री योगी की रात, सपा और कांग्रेस के गढ़ पर भाजपा की निगाहें

उत्तर प्रदेश राजनीति राज्य

लखनऊ । जनहित और विकास से जुड़ी योजनाओं की हकीकत और उनके बारे में लोगों का नजरिया जानने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पूरा सरकारी अमला अब गांवों का रुख करेगा। मुख्यमंत्री खुद सोमवार को प्रतापगढ़ जिले की पट्टी तहसील और 26 अप्रैल को अमरोहा की सइदवल्ली न्याय पंचायत में रात्रि विश्राम करेंगे। दरअसल सपा और कांग्रेस के गढ़ पर भाजपा की निगाहें टिक गई है। हाल ही में रायबरेली में अमितशाह के दौरे के बाद भाजपा की नजर अब सपा के गढ़ कहे जाने वाले इटावा-मौनपुरी, कन्नौज और आसपास का क्षेत्र है। भाजपा इसी अभियान में लगी है।

अब गांवों में लगेगी नेताओं की चौपाल

इस दौरान मुख्यमंत्री किसी पंचायत भवन, स्कूल या सार्वजनिक भवन में रुकेंगे। वहीं उनकी चौपाल लगेगी। ग्रामीणों से बात करेंगे। उनकी समस्याएं जानेंगे। मौके पर ही उनके हल का निर्देश देंगे। विकास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। मालूम हो कि रविवार को मुख्यमंत्री ने योजनाओं का जमीनी सच जानने के लिए शाहजहांपुर का अचानक दौरा किया। इसी क्रम में उनका गांव में रुकने का भी कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि जिलों के प्रभारी मंत्री और नोडल अधिकारी योजनाओं का सच और लोगों का फीडबैक जानने के लिए गांवों में जाएं। प्रभारी मंत्रियों की ओर से यह क्रम शुरू भी हो गया है।

सिद्धार्थनाथ इलाहाबाद तो स्वामी प्रसाद बहराइच में 

ग्राम स्वराज अभियान के तहत रात्रि चौपाल अभियान प्रभारी प्रदेश मंत्री अनूप गुप्ता व त्रयंबक त्रिपाठी ने बताया कि रविवार को कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह इलाहाबाद, स्वामी प्रसाद मौर्य धरमनपुर बहराइच, उपाध्यक्ष रंजना उपाध्याय चित्रकूट, महामंत्री गोविन्द नारायन शुक्ला अमेठी, लक्ष्मी नारायण चौधरी बृजरौठा मथुरा, एसपी सिंह बघेल फीरोजाबाद, धर्मपाल सिंह बांदा में, स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री सुरेश राणा महिसर सिलौली शाहजहांपुर, नीलकंठ तिवारी वाराणसी, धर्म सिंह सैनी सहारनपुर, सांसद नेपाल सिंह रामपुर, राघव लखनपाल शर्मा सहारनपुर, वीरेंद्र सिरोही बुलंदशहर, डॉ. भोला सिंह बुलंदशहर व क्षेत्रीय महामंत्री सूर्य प्रकाशपाल रामपुर, महेंद्र धनौरिया बिजनौर में रात्रि प्रवास पर हैं। सोमवार को कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना गाजियाबाद में, सिद्धार्थनाथ सिंह इलाहाबाद, ब्रजेश पाठक गाजीपुर, रमापति शास्त्री गोंडा, मुकुट बिहारी वर्मा गोदनी बसही बहराइच, एसपी सिंह बघेल देवखेडा टूंडला फीरोजाबाद, राज्यमंत्री गुलाबो देवी सम्भल के भौलागढ़, अतुल गर्ग गाजियाबाद में, रणवेंद्र प्रताप सिंह रायपुर बिलेला श्रावस्ती, गिरीश यादव कछपुरा मैनपुरी, संदीप सिंह कन्नौज, सुरेश पासी बेचुगढ़ अमेठी, केंद्रीय मंत्री कृष्णाराज पढारिया दलरपुर शाहजहांपुर, सांसद रामशंकर कठेरिया आगरा और प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मणाचार्य वाराणसी में रात्रि प्रवास पर रहेंगे।

सपा और कांग्रेस के गढ़ पर भाजपा की निगाह  

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रतिनिधित्व वाले रायबरेली में समीकरण साधने के बाद अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नजर समाजवादी गढ़ पर है। 2014 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली, अमेठी के अलावा कन्नौज, मैनपुरी, आजमगढ़, बदायूं और फीरोजाबाद सीटें भाजपा के हाथ से फिसल गई थीं। उपचुनाव में गोरखपुर और फूलपुर संसदीय क्षेत्र भी सपा के हिस्से में चला गया। संगठन और सरकार को इन क्षेत्रों में विशेष मुहिम चलाने का फरमान है। शाह यहां भाजपा की मजबूती के लिए निकट भविष्य में दौरा करेंगे। रायबरेली में अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस विधान परिषद दल नेता दिनेश प्रताप सिंह और उनके भाई जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह समेत कई प्रमुख लोगों को भाजपा में शामिल कराकर नई जमीन तैयार की। इसके पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के क्षेत्र अमेठी में शाह केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ बड़ी रैली को संबोधित कर चुके हैं।

समाजवादी गढ़ में धमाके की तैयारी

कन्नौज से इस बार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव लडऩे का एलान किया है। पिछली बार उनकी पत्नी डिंपल यादव ने भाजपा के सुब्रत पाठक को करीब 20 हजार मतों से हराया था। इस बार भाजपा कन्नौज को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क है। संभव है कि शाह का अगला कार्यक्रम कन्नौज में ही लगे। 2014 में आजमगढ़ सीट भाजपा के हाथ नहीं आ सकी। यहां सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को भाजपा के रमाकांत यादव ने कड़ी टक्कर दी थी। भाजपा अब यहां कोई और भी दांव आजमा सकती है। फीरोजाबाद में सपा के अक्षय यादव ने भाजपा के एसपी सिंह बघेल को चुनाव हराया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद बघेल राज्य सरकार में मंत्री बन गये हैं। अब लोकसभा चुनाव में बघेल की जगह किसी और को सामने लाकर बाजी पलटने की कोशिश होगी।

मैनपुरी में भी मुलायम ही चुनाव जीते थे और तब उनके मुकाबिल भाजपा के शत्रुघ्न सिंह चौहान थे। मैनपुरी से मुलायम के इस्तीफा देने के बाद उपचुनाव में सपा के तेज प्रताप यादव के मुकाबले भाजपा से प्रेम सिंह शाक्य उतरे लेकिन, कोई खास करिश्मा नहीं हो सका। बदायूं में सपा के धर्मेंद्र यादव से भाजपा के वागीश पाठक हार गये थे। अब इन क्षेत्रों में भाजपा नये सिरे से गोटियां बिछा रही है। उधर, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से रिक्त हुई गोरखपुर और फूलपुर सीट पर उपचुनाव में सपा ने बाजी मार ली। इन दोनों सीटों को वापस लाना भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी है। इसके लिए पार्टी बूथवार होमवर्क तैयार करने में जुट गई है।

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