चेन्नै के प्रगनंदा ने रचा इतिहास, बने दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंड मास्टर

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चेन्नैई । भारत के क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में भी खिलाड़ी अपना लोहा मनवा रहे है। इसी कड़ी में चेन्नैई के आर.प्रगनंदा ने शतरंज की दुनिया में इतिहास रच दिया। 12 साल के पराग सबसे कम उम्र में ग्रैंड मास्टर बनने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। पराग ने यह शानदार मुकाम 12 साल,10 महीने और 13 दिन की उम्र में हासिल किया है।

वहीं सबसे कम उम्र में ग्रैंड मास्टर बनने का रिकॉर्ड यूक्रेन के सर्जेई कर्जाकिन के नाम है। कर्जाकिन ने 1990 में 12 साल 7 महीने की उम्र में यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था,जो आज भी बरकरार है। पिछले दिनों इटली में संपन्न हुए ग्रेडाइन ओपन में प्रगनंदा ने शानदार चेस खेलते हुए ग्रैंड मास्टर बनने में दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।

यह मुकाम हासिल करने के लिए पराग ने इटली के जीएम लुका मोरोनी जूनियर को 8 राउंड में मात दी। प्रगनंदा को इस उपलब्धि पर भारत में शंतरज के बादशाह विश्वनाथन आनंद ने भी बधाई दी है। विश्वनाथन ने ट्वीट करते लिखा है,प्रगनंदा,क्लब में शामिल होने पर स्वागत है और ढेर सारी बधाई। जल्द ही चेन्नैई में मिलता हूं।

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