अरपिंदर के खेल के लिए पिता को गिरवी रखनी पड़ी थी जमीन

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नई दिल्ली : एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता ट्रिपल जंपर अरपिंदर सिंह ने आईएएएफ कॉन्टिनेंटल कप में कांस्य जीतकर एक नया रिकार्ड बनाया है। आईएएएफ में पदक जीतने वाले वह पहले भारतीय हैं पर यहां तक की राह उनकी बेहद कठिन रही है।

अरपिंदर के खिल के लिए उनके पिता को जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी जो अब पदक जीतने के बाद वापस हासिल की है। अब उनके पिता जगवीर सिंह को अपने फैसले पर पर गर्व महसूस हो रहा है। अरपिंदर ने उनकी सारी मेहनत और त्याग को सफल कर दिया।

रिटायर होने के बाद जगवीर की पेंशन केवल 8 हजार रुपये थी। अरपिंदर जब खेलने के लिए बाहर रहते थे तो उन्हें हर महीने 20 हजार रुपये भेजने पड़ते थे। जगवीर बताते हैं, ‘मैं उधार लेकर रुपये भेजता था। 4 लाख रुपये का कर्ज हो गया। दो एकड़ जमीन गिरवी रखनी पड़ी। कांस्य पदक जीतने के बाद पंजाब सरकार ने 6 लाख रुपये दिए।

इससे मैंने अपनी जमीन छुड़वाई।’ जगवीर पुराने दिनों को याद कर कहते हैं, ‘अरपिंदर जब 7 साल का था तो पढ़ने में अच्छा नहीं था, लेकिन शरीर से तगड़ा था। मैंने उससे कहा कि कोई भी एक काम चुन ले, खेल या पढ़ाई। मैं उसे सुबह 3 बजे दौड़ाने ले जाता था। मैं साइकल पर होता और वह आगे-आगे दौड़ता था। 3 किमी जाना और इतना ही आना। कभी-कभी यह दूरी चार से 5 किमी भी हो जाती थी।’

जगवीर आगे कहते हैं, ‘अरपिंदर सुबह उठने में बड़ी आनाकानी करता था। मुझे उसके मुंह पर पानी फेंकना पड़ता तो कभी गर्दन पकड़कर उठाता। मौसम कोई भी हो, अभ्यास नहीं रोका। वहीं अरपिंदर ने कहा कि वह इस सफलता से खुश हैं, लेकिन इससे ज्यादा बेहतर कर सकते थे। रजत पदक मामूली अंतर से मेरे हाथ से निकल गया।

 

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